ComputerTechnology

i3 Vs i5 Vs i7 Processor में क्या difference है?

i3 vs i5 vs i7 processor
i3 Vs i5 Vs i7

i3 Vs i5 Vs i7 जब हम नया लैपटॉप या डेस्कटॉप कंप्यूटर खरीदने वाले होते हैं तब एक प्रश्न हमारे दिमाग में आता है कि हम कौनसा खरीदें? यह प्रश्न सिर्फ आपको नहीं हर एक कंप्यूटर खरीदने वाले को आता है।

क्योंकि डेस्कटॉप या लैपटॉप खरीदते वक्त हमारे सामने बहुत सारे विकल्प आते हैं जैसे कि i3, i5 या i7 प्रोसेसर? और उसमें भी अलग-अलग प्रकार के जनरेशन वाले प्रोसेसर होते हैं।

i3 Vs i5 Vs i7 में जनरेशन क्या है?

i3 i5 i7 processor generation kya hai
i3 i5 i7 processor generation

जनेरेशन को सिंपल भाषामे कहे तो नयी जनेरेशन मतलब नया मॉडेल। जैसे 2G, 3G, 4G, 5G वायरलेस नेटवर्क टेक्नोलॉजी है, samsung फ़ोन में S3, S4, S5, S6..S20, S30 होता है, iPhone में iPhone 10, 11, 12 मॉडेल होते है उसी तरह प्रोसेसर में अलग-अलग जनेरेशन होते है।

पुरानी किसी भी टेक्नोलॉजी  मैं बदलाव करके नई सुविधाएं प्रदान की जाती है जिसे प्रोसेसर का नया जनरेशन कहते है।
इंटेल अपने प्रोसेसर में कुछ ना कुछ नए बदलाव करके हर साल एक नया जनरेशन प्रोसेसर का लेकर आते हैं।

छोटे से प्रोसेसर के अंदर करोड़ों ट्रांजिस्टर लगाए गए होते हैं। ट्रांजिस्टर जितना छोटा उतनी स्पीड ज्यादा मिलती है और पावर भी कम कंज्यूम करेगा।

कौन सा जनरेशन अच्छा है? इसमें जो भी लेटेस्ट जनरेशन होगा वह प्रोसेसर का जनरेशन खरीदना चाहिए क्योंकि जो भी लेटेस्ट होता है उसमें कुछ ना कुछ नए बदलाव किए गए होते हैं।

इसलिए लेटेस्ट जनरेशन ही खरीदना चाहिए। जिससे आपके कंप्यूटर के पावर की खपत कम हो और स्पीड भी अच्छी मिले।

प्रोसेसर की क्षमता को कैसे माप सकते है?

प्रोसेसर यह कंप्यूटर का एक मुख्य हिस्सा है, जैसे हमारे बॉडी में दिमाग सोचने और निर्णय लेने का काम करता है।

उसी तरह डेटा प्रोसेसिंग का काम प्रोसेसर के द्वारा होता है।

प्रोसेसर की क्षमता को मापने के लिए निचे दिए गए प्रोसेसर के महत्वपूर्ण अंग को समझना जरुरी है।

  • Core (कोर)
  • Clock Speed (क्लॉक स्पीड)
  • Cache Memory (केश मेमरी)
  • Hyper Threading (हाइपरथ्रेडिंग)
  • Turbo Boost (टर्बो बूस्ट) टेक्नोलॉजी

core, clock speed, cache memory, हाइपरथ्रेडिंग, Turbo Boost टेक्नोलॉजी को समझना आवश्यक है।

प्रोसेसरमें Core क्या है? (

CPU एक इंटीग्रेटेड चिप है और उसके अंदर अलग-अलग चिप होती है मानो वह भी एक प्रोसेसर ही है और वह प्रोसेसर एक दूसरे के साथ कनेक्टेड होते हैं जिसे कोर (Core) कहते हैं।

जिस प्रोसेसर में 2 कोर होते हैं उसे ड्यूल कोर प्रोसेसर कहते हैं और जिस प्रोसेसर में चार core होते हैं उसे quad core प्रोसेसर कहां जाता है उदाहरण के लिए देखें तो i5 4690k इस प्रोसेसर में 4 core होते हैं।

सीपीयू में कितने कोर होते हैं यह देखना जरूरी है।

Clock Cycle क्या है?

Clock cycle kya hai
Clock Cycle

कम्प्यूटर के शटडाउन होने तक प्रोसेसर बहुत सारी इंस्ट्रक्शन को प्रोसेस करता है।
प्रोसेसर 1 सेकंड में कितनी इंस्ट्रक्शन को प्रोसेस कर सकता है उसे Clock Cycle कहते हैं।
1 सेकंड में जितनी ज्यादा इंस्ट्रक्शन को प्रोसेस किया जाए उतनी प्रोसेसर की स्पीड ज्यादा होगी।
इसलिए CPU की स्पीड को मापने के लिए Clock Speed को चेक करना आवश्यक है।

क्लॉक स्पीड को हर्टज़ में नापा जाता है।
1000 Hertz = 1 KHz (किल्लो हर्टज़), 1000 KHz = 1 MHz (मेगा हर्टज़), 1000 MHz = 1 GHz (गीगा हर्टज़)

उदाहरण: 3.2 GHz (गीगाहर्टज) क्लॉक स्पीड यानी प्रोसेसर एक सेकंड में 3.2 बिलियन इंस्ट्रक्शन को प्रोसेस कर सकता है।
इससे आपको ऐसा लगेगा कि क्यों ना हम क्लॉक स्पीड को ही बढ़ा दे जिससे हमारे लैपटॉप की अच्छी स्पीड हो जाए। लेकिन ऐसा नहीं है क्लॉक स्पीड के साथ-साथ RAM, हार्ड ड्राइव, SSD (Solid-state drive), motherboard और बाकी सारे कंपोनेंट का भी उतना ही रोल होता है स्पीड बढ़ाने के लिए।

Hyper Threading क्या है?

hyper-threading एक ऐसा कांसेप्ट है जो हमारे दो core वाले प्रोसेसर में चार थ्रेड यानी चार प्रोसेस को एक साथ चलाता है जिससे हमें ऐसा लगता है कि हमारा प्रोसेसर 4 कोर वाला है जिसे हाइपरथ्रेडिंग टेक्नोलॉजी कहते हैं।
इससे प्रोसेसर का पूरा उपयोग किया जाता है।

इससे सिस्टम का परफॉर्मेंस डबल हो जाता है ऐसा नहीं है लेकिन जो CPU core बिना काम के आईडल है उसको अच्छी तरह से उपयोग में लेने की टेक्नोलॉजी हाइपरथ्रेडिंग है।

Turbo Boost क्या है?

Turbo Boost प्रोसेसर में दी हुई एक अच्छी सुविधा है। Turbo Boost को समझने से पहले थर्मल डिजाइन पावर समझना जरूरी है।

प्रोसेसर को जब डिजाइन किया जाता है तब TDP यानी कि Thermal Design Power को ध्यान में रखा जाता है।

थर्मल डिजाइन पावर यानी किसी भी प्रोसेसर ज्यादा से ज्यादा कितने लेवल तक पावर का उपयोग करता है? उस लेवल को कहते हैं थर्मल डिजाइन पावर या थर्मल डिजाइन पॉइंट।
यह प्रोसेसर की power पर यानी कि TDP पर नजर रखता है कि प्रोसेसर का TDP कौन से लेवल तक है।

जब प्रोसेसर के किसी core का उपयोग नहीं होता है तब वह core की पावर को बंद कर दिया जाता है और बाकी के Core पर Clock Cycle को बढ़ा सकते हैं जिसे ओवरक्लॉकिंग कहते हैं।

उदाहरण:
समझो किसी प्रोसेसर की क्लॉक स्पीड 2.4 गीगाहर्टज पर चल रहा है लेकिन किसी core की आवश्यकता पर उसको 3.3 गीगाहर्टज यानी उसके मैक्सिमम लेवल तक बढ़ा सकते हैं इस टेक्नोलॉजी को कहते हैं Turbo Boost.

अभी के सभी प्रोसेसर में Turbo Boost की सुविधा दी गई है सिर्फ i3 प्रोसेसर में यह टेक्नोलॉजी नहीं होती है।

अगर प्रोसेसर की हिट या पावर निर्धारित TDP से कम है तो clock cycle को बढ़ा सकते हैं।

Cache Memory क्या है?

Cache सबसे छोटी लेकिन फास्ट मेंमरी होती है। यह मेमरी प्रोसेसर के साथ ही होती है।

इसका काम यह होता है कि बार-बार जिस डेटा का उपयोग हो रहा होता है उसके लिए प्रोसेसर को RAM तक जाने की आवश्यकता नहीं है।

पहले प्रोसेसर Cache Memory में चेक करता है कि आवश्यक डेटा Cache में है कि नहीं?

Cache में जब डाटा मिल जाता है तो प्रोसेसर फास्ट तरीके से काम करता है। प्रोसेसर की स्पीड को बढ़ाने के लिए Cache मेमोरी का उपयोग किया जाता है।

प्रोसेसर में जितनी ज्यादा Cache मेमरी हो उतना प्रोसेसर फ़ास्ट काम कर सकता है।

Cache memory तीन प्रकार की होती है L1, L2 और L3.

प्रोसेसर पहले L1 Cache में डेटा ढूंढ़ता है अगर उसमें नहीं मिलता तो उसके बाद L2, L3 में चेक करता है और फिर RAM की बारी आती है।

इस तरह से प्रोसेसर की स्पीड को बढ़ाने के लिए Cache मेमोरी अत्यंत महत्त्व का काम करती है।

i3 vs i5 vs i7 प्रोसेसर के बीच का अंतर क्या है?

Intel ने अपने प्रोसेसर को तीन कैटेगरी में बांटा हुआ है। इसको आप good, better, best कह सकते है।

सभी तरह के प्रोसेसर में सबसे बड़ा अंतर तो स्पीड का ही होता है।

स्पीड हमें क्यों चाहिए? क्योंकि उससे हमारा वक्त बचता है और पैसा भी।

अगर आपने कोर, हाइपर थ्रेडिंग, केश मेमरी, टर्बो बूस्ट और क्लॉक स्पीड को समझा है तो प्रोसेसर के अंतर को समझना आसान हो जाएगा।

i3 प्रोसेसर

i3 processor
i3 processor

अगर आप स्टूडेंट्स है या बिजनेसमैन है और आपको सिर्फ वर्ड, पावर पॉइंट, एक्सएल, नॉर्मल इंटरनेट सर्फिंग करना है, यूट्यूब वीडियो देखना, ऑनलाइन क्लासेज करना ऐसे नॉर्मल कामों के लिए और कम ग्राफिक्स वाली गेम खेलना है तब आप i3 प्रोसेसर वाला लैपटॉप खरीद सकते हो उसमें आपको कोई दिक्कत नहीं आएगी और बहुत ही सरलता से चलेगा। 

आपको अलग से i5 या i7 प्रोसेसर वाला लैपटॉप या डेस्कटॉप खरीदने की आवश्यकता नहीं है।

यहभी पढ़े

i5 प्रोसेसर

i5 processor
i5 processor

i5 मैं आपको प्रोसेसर के 2 वेरीअंत देखने को मिलेंगे।

इसमें dual-core प्रोसेसर लैपटॉप के लिए मिलेगा और अगर आपको डेस्कटॉप खरीदना है तो उसमें क्वॉड कोर यानी कि 4 core वाला प्रोसेसर मिलेगा।

डेस्कटॉप वाले कंप्यूटर में हाइपरथ्रेडिंग देखने को नहीं मिलेगी जबकि लैपटॉप में आपको हाइपरथ्रेडिंग मिल जाएगी।

i3 प्रोसेसर की तुलना में i5 प्रोसेसर बेहतर है क्योंकि इसमें कैश मेमरी ज्यादा मिलेगी। इसलिए प्रोसेसर की स्पीड ज्यादा मिलेगी और परफॉर्मेंस बेहतर देखने को मिलेगा।

अगर आप फोटो एडिटिंग सॉफ्टवेयर जैसे कि फोटोशॉप कोरल ड्रॉ इत्यादि का इस्तेमाल करना चाहते हो और आपने गेम के लिए ग्राफिक्स कार्ड भी लगाया हुआ है तो इसमें आप गेम भी सरलता से खेल पाओगे।

i7 प्रोसेसर

i7 processor
i7 processor

इंटेल के कंज्यूमर मार्केट में i7 प्रोसेसर बहुत ही प्रचलित है।

इसमें अलग-अलग प्रकार के 3 प्रोसेसर मिलेंगे।

लैपटॉप में ड्यूल कोर भी मिलता है और क्वॉड कोर भी मिलता है।

डेस्कटॉप पीसी के लिए आपको quad core या ऑक्टा कोर प्रोसेसर मिलेगा।

i7 में आपको टर्बो बूस्टिंग और हाइपरथ्रेडिंग मिलेगी जिससे एक साथ बहुत सारे काम आसानी से प्रोसेसर कर सकता है।

i7 में कैश मेमरी 8MB तक मिल जाती है।

अगर आप हाई लेवल ग्राफिक्स का इस्तेमाल करते हो या वीडियो एडिटिंग फॉर के जैसे वीडियो पर करते हो और आपको हाई ग्राफिक्स वाली गेम खेलना पसंद होती है ऐसे में i7 प्रोसेसर आपके कामों को आसानी से कर सकता है।

कौन सा प्रोसेसर कौन सी जनरेशन का है कैसे पता करें?

प्रोसेसर के जो नाम दिए गए हैं वह बहुत ही सिंपल है जिसकी एक उदाहरण के तौर पर ले तो i7 का 4770 प्रोसेसर है उसमें चार यानी फोर्थ जनरेशन का यह।

ऐसे ही i7 5770 इसमें 5 का मतलब होता है 5th जनरेशन।

लैपटॉप खरीदते वक्त सिर्फ i3 या i5 देखना नहीं चाहिए लेकिन वह कौन सी जनरेशन का प्रोसेसर है यह भी देखना जरुरी है।

निष्कर्ष

  • i3 Vs i5 Vs i7 Intel के प्रोसेसर की अलग-अलग कैटेगरी है।

  • i3 i5 i7 में अलग-अलग जनरेशन होते हैं, प्रोसेसर के अलग-अलग मॉडल को जनरेशन कहते हैं।

  • Core, Clock Cycle, Cache Memory, Hyper threading, Turbo boost प्रोसेसर की क्षमता को मापने के लिए आवश्यक है ।

  • अलग-अलग प्रोसेसर में कई सारे Core होते हैं। जो प्रोसेस की क्षमता को बढ़ाता है।

  • एक सेकंड में प्रोसेसर कितनी सारी इंस्ट्रक्शन को प्रोसेस कर सकता है उसे Clock Cycle कहते हैं।

  • Hyper-threading से मल्टी टास्किंग में मदद मिलती है।प्रोसेसर की निर्धारित क्लॉक साइकल को बढ़ाकर उसकी मैक्सिमम क्लॉक साइकल तक उपयोग करने की क्षमता को टर्बो बूस्ट टेक्नोलॉजी कहते हैं।

  • कैश मेमरी छोटी होती है लेकिन प्रोसेसर को फास्ट काम करने के लिए मदद रुप होती है।

  • जितनी ज्यादा कैश मेमरी उतनी ज्यादा स्पीड मिल सकती है।

  • नॉर्मल और बैजिक कामों के लिए i3 प्रोसेसर का उपयोग कर सकते हैं।

  • फोटो एडिटिंग जैसे थोड़े हैवी सॉफ्टवेयर और नार्मल गेम्स के लिए i5 प्रोसेसर का उपयोगकर सकते हैं।

  • i7 सबसे एडवांस प्रोसेसर होता है जिसमें आप वीडियो एडिटिंग और हैवी ग्राफ़िक्स गेम्स खेल सकते हो।

  • गेमिंग पीसी के लिए i7 प्रोसेसर ही खरीदना चाहिए।

सुझाव

आप का बजेट क्या है? और आप कोनसा लैपटॉप खरीदना चाहते हो?
आपके प्रश्न और सुझाव का इंतज़ार रहेगा। कमेंट बॉक्स में आपके सुझाव जरूर बताइए।

धन्यवाद !!!