Digital rupee kya hai? (in Hindi)
क्या आपको पता है Digital rupee kya hai? क्या आपने paper currency note को ठीक तरह से observe किया है?
observe किया है तो क्या कुछ आपने उस पर पढ़ा है? अगर पढ़ा है तो आपने निश्चित ही यह पढ़ा होगा कि मैं “मैं धारक को 100 रुपये अदा करने का वचन देता हू”।
हमारे हाथ में जो currency note होता है, चाहे वह 10 रुपये का हो या 20, 50, 100 रुपये का, उस पर भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर के हस्ताक्षर होते हैं और इसलिए वह कागज़ के उस छोटे से टुकड़े को मूल्यवान बनाता है।
हस्ताक्षर वाले कागज़ के टुकड़े पर हमें विश्वास होता है कि इससे हम कोई भी चीज वस्तु या सेवा ख़रीद सकते हैं।
दूसरी ओर बेचने वाले को भी यह भरोसा रहता है कि जो भी चीज वह बेचते है उसका निश्चित मूल्य उसको मिल रहा है और उसको मिलने वाले कागज़ के नोटों से वह भी कुछ ख़रीद सकता है।
Indian Digital Currency RBI ने क्यों लॉन्च की?
निजी और जोखिम भरी cryptocurrency का सामना करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने आखिर में खुद की digital currently launch की।
अभी सिर्फ अलग-अलग बैंकों के बीच होने वाले transaction के लिए इस digital currency का इस्तेमाल होने वाला है। बहुत ही जल्द हम सभी के लिए यह digital currency इस्तेमाल के लिए दे दी जाएगी।
यह digital currency हमारी कागजी नोटों का ही एक digital रूप होगा और इसका उपयोग भी सलामत रहेगा।
भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रायोगिक तौर पर Central Bank Digital Currency (CBDC) launch की है।
इस नई मुद्रा को छू पाए ऐसी Physical मुद्रा नहीं होगी इसलिए हम इस पर “मैं धारक को 100 रुपये अदा करने का वचन देता हू” वचन भी नहीं पढ़ेंगे, लेकिन इसकी निश्चित वैल्यू जरूर होगी और इस Digital Currency से हम नोटों की तरह ही पूरे भरोसे के साथ लेन-देन कर सकेंगे।
eRupi से सरकार को ज्यादा फायदा होगा। cash money print करने की लागत को कम करेगी और money exchange को भी बहुत तेज़ बनाएगी।
Paper currency और digital currency में क्या अंतर है?
Unified Payment Interface (UPI) ID के जरिए हम पहले से ही digital लेन देन का उपयोग कर रहे हैं।
तो फिर UPI और इस नए CBDC में क्या अंतर है? जब भारत की UPI प्रणाली को दुनिया भर में एक अनूठी प्रणाली के रूप में सराहा जाता है और अन्य देश इसका उपयोग करने पर विचार कर रहे हैं, तो सरकार CBDC के साथ प्रयोग क्यों कर रही है?
सिंपल सी भाषा में कहे तो Digital Currency यह paper currency का ही एक रूप होगा लेकिन यह फिजिकल नहीं होगा सिर्फ digital currency के रूप में रहेगा।
Digital Currency cryptocurrency से इसलिए अलग है क्योंकि cryptocurrency की वैल्यू कीसीके कंट्रोल में नहीं है जबकि अगर आपकी पेपर करेंसी ₹100 है तो Digital Currency की सेम वैल्यू ₹100 ही होगी और यह वैल्यू cryptocurrency के जैसे ऊपर नीचे नहीं होगी।
CBDC का full form क्या है?
CBDC का full form है Central Bank Digital Currency.
यह cryptocurrency जैसी digital currency नहीं है। क्योंकि इसके ऊपर भारत सरकार का नियंत्रण रहेगा।
CBDC क्या है?

Central Bank Digital Currency (CBDC) यह भारत की पारंपरिक paper currency note का digital रूप है।
इसके ऊपर संपूर्णत: Reserve bank of India का नियंत्रण रहेगा।
भारत में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 1 नवंबर, 2022 को digital currency को pilot base पर केवल विभिन्न बैंकों और रिजर्व बैंक के साथ लेन देन के लिए launch किया गया है।
RBI गवर्नर ने कहा है कि यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है और CBDC भारत में व्यापार और धन के लेन-देन के तरीके को मूल रूप से बदल देगा।
paper currency में क्या होता है की विभिन्न बैंक जैसे की सार्वजनिक, निजी, सहकारी बैंक के बीच रिजर्व बैंक होती हैं। यह सभी बैंक RBI द्वारा नियंत्रित हैं। हमारे खाते में जितने रुपये हैं उतने रुपये के नोट हम बैंक से प्राप्त कर सकते हैं।
digital currency में हमारा व्यवहार सीधे रिज़र्व बैंक के साथ होगा। हम अपनी paper currency को CBDC में परिवर्तित करने में सक्षम होंगे और फिर इसका उपयोग digital currency के रूप में किसी भी लेन-देन के लिए करेंगे। इसके अलावा, हम जब चाहें CBDC को वापस पारंपरिक paper currency note में बदल सकते हैं।
रिज़र्व बैंक के गवर्नर ने घोषणा की है कि बहुत जल्द CBDC का general version आपके और मेरे जैसे आम उपयोगकर्ताओं के लिए लॉन्च किया जाएगा।
वर्तमान में, विभिन्न बैंकों द्वारा एक-दूसरे को भुगतान किए जा रहे करोड़ों रुपये या सरकारी बॉन्ड के लिए रिज़र्व बैंक को भुगतान किए जाने के लिए रिज़र्व बैंक में एक CBDC खाता खोला जाना है। फिर इसकी मदद से पैसों का डिजिटल रूप में आदान-प्रदान होता है।
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Cryptocurrency और Digital Currency में क्या अंतर हैं?
paper currency के ऊपर किसी ना किसी देश का नियंत्रण होता ही है लेकिन cryptocurrency ऐसी है जिसके ऊपर किसी भी सरकार का कोई भी नियंत्रण नहीं है इसलिए इसके आधार पर किसी भी लेन देन का को करना risk से भरा हुआ लगता है।
सरल भाषा में कहें तो bitcoin जैसी cryptocurrency जिसके ऊपर किसी का नियंत्रण ना हो तो उस पर विश्वास करना मुश्किल होता है फिर भी कई सारे लोग bitcoin में अपना invest करते हैं। इस्तेमाल करने की दृष्टि से देखें तो CBDC एक cryptocurrency ही है लेकिन उसको सरकार के द्वारा नियंत्रित किया जाता है और इसलिए इसका मूल्य भी निश्चित ही रहता है।
UPI और CBDC में क्या अंतर है?
UPI के जरिए ट्रांजैक्शन एक बैंक अकाउंट से दूसरे बैंक अकाउंट में होता है। UPI में बैंक शामिल होती है।
CBDC यह पेपर करेंसी का ही एक डिजिटल स्वरूप है।
डिजिटल करेंसी के लिए आप अपने पेपर करेंसी को डिजिटल करेंसी में कन्वर्ट करके अपने फोन में या फोन वॉलेट में रख सकते हैं और इसके माध्यम से दूसरे व्यक्ति के फोन में डिजिटल currency ट्रांसफर करके लेन देन कर सकते हैं। CBDC के transaction में बैंक शामिल नहीं होती।
Digital Currency के फायदे क्या है?
1) यह पूरे भारत में निजी cryptocurrency के प्रसार को रोकेगा।
2) यह भारत में आंतरिक रूप से और वैश्विक स्तर पर लंबे समय में पैसे के लेन-देन को बहुत तेज़ और कम ख़र्चीला बनाएगा।
3) काला धन, भ्रष्टाचार और टेरर फंडिंग- इन तीन क्षेत्रों में digital currency सरकार के लिए एक बड़ा हथियार का काम करेगी।
4) वर्तमान में paper currency के रूप में currency note की छपाई पर हर साल करोड़ों रुपये का खर्च बचेगा जो देश के विकास के लिए अच्छा है।
5) डिजिटल करेंसी के इस्तेमाल पर सरकार नजर रख सकती है। इसका उपयोग भी किसी विशेष उद्देश्य तक ही सीमित रखा जा सकता है।
6) बैंकों और बड़े कॉरपोरेट्स के बीच अत्यधिक बड़ी राशि का लेन-देन बहुत तेज और कम खर्चीला हो जाएगा।
7) वर्तमान में, राशि को IMPS, NEFT या RTGS के माध्यम से online transfer किया जा सकता है, लेकिन 25 लाख से ऊपर की राशि के लिए transfer प्रक्रिया रूकावट डालती है। CBDC वास्तविक समय में ऐसा करने में सक्षम होने के कारण, बड़े व्यवसायों के लिए इसका बहुत बड़ा लाभ है।
Digital rupee का नुकसान क्या है?
1) जैसे अभी हमें saving account पर ब्याज मिलता है वैसे CBDC खाते की राशि पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा।
2) पैसों की लेन-देन के बारे में हमारी प्राइवेसी चली जाएगी। कौन सा रुपया पैसा हम कहां इस्तेमाल करते हैं उसकी पूरी जानकारी सरकार के नियंत्रण में होगी।
3) CBDC के लिए अलग से account maintain करना पड़ेगा।
निष्कर्ष
digital rupee kya hai? डिजिटल रूपी यह हमारी पारंपरिक पेपर करेंसी नोट का एक डिजिटल स्वरूप है।
इसे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने लॉन्च किया है।
Cryptocurrency के ऊपर किसी भी सरकार का नियंत्रण रहता नहीं है।
digital rupee के ऊपर भारत सरकार का नियंत्रण रहेगा।
टेरर फंडिंग, काला धन जैसे भ्रष्टाचार से बचने के लिए यह एक कारगर उपाय है।
इसका एक नुकसान भी है कि लोगों की अपने रुपयों को कहां इस्तेमाल करना उसकी प्राइवेसी चली जाने की संभावना है।
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आपका यह आर्टिकल बहुत ही बढ़िया तारीके से लिखा गया है।
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